ख्वाब शीशे के थे, पिघल गये...
जिंदगी तेरी आँच ज्यादा थी !!
दिल से ज़बा पर आ जाने वाली कुछ वो बातें, जिन्हें दिल ही महसूस कर पता है, उसी पर आधारित है यह ब्लॉग, प्रेरणा है मेरी प्रेमिका ..
Monday, October 9, 2017
ख़्वाब
Monday, October 2, 2017
स्वच्छता
दिल में रखी नफरत भी
झाड़ देना मित्रों !
ये भी एक तरह का स्वच्छता
अभियान है!
Sunday, September 17, 2017
जिंदगी
मंज़र धुंधला हो सकता है, मंज़िल नहीं
दौर बुरा हो सकता है, जिंदगी नहीं ।
Thursday, September 14, 2017
रोना
झूठी हँसी से जख्म और बढ़ता गया.
इससे बेहतर था ..खुलकर रो लिए होते..।
Tuesday, September 12, 2017
खटकना
जो दिल मे कभी धडकता था खूब,
आज ना जाने आंखों को खटकता क्यू है।
Sunday, September 3, 2017
बुलंदी
बुलंदियों को पाने की ख्वाहिश भरपूर है पर,
दुसरो को रोंदने का जज़्बा नही ।
Saturday, September 2, 2017
अकड़
*इंसान की अकड़ वाजिब है जनाब*
*पैसे आने पर तो बटुआ भी फूल जाता है...*
Wednesday, August 16, 2017
दोस्ती एक इत्र
दोस्तों के नाम का एक ख़त
कमीज़ की जेब में रख कर चलता हूँ..!!
क़रीब से गुज़रने वाले अक्सर पूछते हैं,
इत्र का नाम क्या है...!!
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